बेटियाँ - एक परिचय
Poet: Richa Naja Jain
**बेटियाँ - एक परिचय**
खुशबू है फूलों की जैसे...
बेटियाँ घर की पहचान हैं, वैसे...
हिमालय शिखर है, भारत के मस्तक पर जैसे...
बेटियाँ परिवार का सम्मान हैं, वैसे...
मंदिर में भगवान की मूरत है, जैसे...
बेटियाँ हैं पवित्रता की खान, वैसे...
आसमान मे चमकता ध्रुव तारा है, जैसे...
बेटियाँ समाज की शान हैं, वैसे...
संसार के लिये प्राणवायु है, जैसे...
बेटियाँ भी हैं, अपने मा-पापा की जान, वैसे...
चंद्रमा के बिना रात हो जैसे...
बेटियों के बिन अंधेरी इंसानियत है, वैसे...
खुशबू है फूलों की जैसे...
बेटियाँ घर की पहचान हैं, वैसे...
हिमालय शिखर है, भारत के मस्तक पर जैसे...
बेटियाँ परिवार का सम्मान हैं, वैसे...
मंदिर में भगवान की मूरत है, जैसे...
बेटियाँ हैं पवित्रता की खान, वैसे...
आसमान मे चमकता ध्रुव तारा है, जैसे...
बेटियाँ समाज की शान हैं, वैसे...
संसार के लिये प्राणवायु है, जैसे...
बेटियाँ भी हैं, अपने मा-पापा की जान, वैसे...
चंद्रमा के बिना रात हो जैसे...
बेटियों के बिन अंधेरी इंसानियत है, वैसे...