Heet
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Contributor to Quarks

कुछ अधूरे एहसास

कुछ अधूरे एहसास

Poet: Heet

## **कुछ अधूरे एहसास** वह लम्हे जो तेरे साथ बिताए,
यह लम्हे जो तेरे बिना बिताए।
वह यादें जो तेरे साथ बनाई हैं,
यह यादें जो तेरे बिना बन रही हैं।
वह तेरी प्यारी सी मुस्कान,
यह तेरी गैर-मौजूदगी...
दे रहे हैं तन्हाई।

अगर जो तुम यहाँ होते,
तो 'वह' क्या और 'यह' क्या?
समय थम सा जाता,
समय के अंत तक साथ बिताया जाता。

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